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Sunday, February 2, 2020

हनूज दिल्ली दूरअस्त..

हनूज दिल्ली दूरअस्त- दिल्ली अभी दूर है मेरी जान.....


'नशा बन्द करवादो बस और कुछ नहीं चाहिए' लगभग 70 साल की वृद्ध महिला की पीछे खड़ी भीड़ में से आवाज़ आयी। आंखों में आंसू लिए अपने बेटे के बारे में कहती हैं 'पति नहीं है...दो लड़के हैं, नशा करते हैं। काम धाम करते नहीं हैं उसकी बहु और बच्चे भी मेरे ही सर है।' इस बैठकर आराम से खाने की उम्र में वो 70 साल की वृद्ध फलों का ठेला लगाती हैं। अपना घर चलाती हैं। जो पैसा मिलता है उसको बेटा नशे में उड़ा देता है।

बवाना स्थित जे जे कॉलोनी।
मेट्रोपोलिटन सिटी की चकाचौंध से दूर दिल्ली का ये इलाका है जे जे कॉलोनी। बवाना विधानसभा क्षेत्र में पड़ता है। बवाना जेजे कॉलोनी, एक रिसेटलमेंट कॉलोनी है, 2004-05 में अस्तित्व में आई थी। इस कॉलोनी में लगभग 65300 लोगों की आबादी रहती है। जे.जे. कॉलोनी, दिल्ली निगम द्वारा चिह्नित किया गया क्षेत्र है, जिसे शहर से हटाए गए झुग्गीवासियों के पुनर्वास के लिए रखा गया है। कॉलोनी से सटी हुई ही बवाना नहर है जिससे लगती हुई सारी झुग्गियां हैं, बस्तियां हैं।
लोग इन्ही झुग्गी बस्तियों में रहते हैं। ताज्जुब होगा जानकर कि गरीबी, बेरोजगारी, स्वास्थ्य, स्वच्छता, चोरी और घरेलू हिंसा से इतर यहां की मुख्य समस्याएं शराब, नशाखोरी है।
बस स्टैंड, यहां मुश्किल ही बस आती हैं।
यहां मेट्रो नहीं पहुंची है। बस अड्डे और स्टेशन तक जाने में ही 500-600 रुपया ऑटो में लग जाता है। एक बस स्टैंड है जिसपर 5-6 लोग बैठे हैं .. सामने डीटीसी की ग्रीन वाली बस खड़ी है। लेकिन एकदम खाली.... बस खड़ी होने भर की ही लग रही है। बारिश होने पर पानी घुटनों तक भर जाता है। हालांकि सड़क बनी है लेकिन काम चलाऊ। चुनाव है इसलिए शायद सब चकमक कर दिया गया है। राजनीतिक प्रक्रिया का खैर निष्क्रिय है ही, लकवाग्रस्त है।
तमाम गन्दगी के बीच बसे घर।
ऐसे ही दूसरी महिला बताती है कि ,'मेरा भाई, बेटा, चाचा सब खराब हो गए नशे के चक्कर में। यहां बस नशा बन्द करवादो।' इसी 'नशे बन्द' करवाने वाली बात को बार बार कहना उनको जरूरी लग रहा था। क्योंकि यही उनका मुद्दा है, यही उनकी समस्या है। इस क्षेत्र में हर साल नशे के कारण कई मौतें होती हैं। जिसमें बच्चे, बूढ़े, युवा सब आते हैं। पुलिस भी आमजन की बात नहीं सुनती। केस को रफा-दफा करने की पुरानी आदत है। एक महिला कहती है कि 'ऊपर से आर्डर है इन्हें नशा करवाने के नहीं तो अभी तक सरकार ने बन्द क्यों नहीं करवाया'।
जे जे कॉलोनी स्थित स्कूल।
नशा एक बड़ी समस्या है। खुलेआम नशे के समान का इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट एक घर से दूसरे घर हो रहा है। अब ये बात प्रशासन को पता है या नहीं मैं नहीं जानती। लेकिन क्षेत्रिय निवासियों के अनुसार तो यहां कभी शांति नहीं रही। खुल्लेआम सब बिकता है।
मैं नहीं जानती कि रिठाला से बवाना तक बड़ी बड़ी गाड़ियों में बैठकर जाते हुए मंत्रियों, विधायकों, नेताओं के लिए वो इलाका कितनी दूर है लेकिन इतना दावे के साथ कह सकती हूँ कि यहां के लोगों के लिए तो हनूज दिल्ली दूरअस्त...


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